कांपते होठों से जो निकले सदा कोई तड़पती सी, लगे कुछ अनसुनी आवाज़ हवाएं मोड़ लायी है May 17, 2020 +0 गज़ल गज़ल
तुम कहती हो मुस्कुराता रहूं यूं ही, चेहरा ही तो है तुम्हारे न होने पर उतर जाता है May 05, 2020 +0 गज़ल गज़ल
देखकर ख्वाब कोई चेहरे पर हंसी उभर आई है, लगा कि जैसे आसमां की परी उतर आई है May 04, 2020 +0 टू लाइनर्स टू लाइनर्स